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Monday, September 23, 2019

सोशल मीडिया में उलझे हमारे रिश्ते


रीता अचानक ही कुछ बदली बदली लग रही है। उसका व्यवहार भी कुछ बदल गया है। वह बहुत खुश रहने लगी है परन्तु परिवार में अब ज्यादा घुलती मिलती भी नही। हाँ हमेशा सिर्फ अपने मोबाइल फ़ोन में ही उल्झी रहती है। चाहे वो कहीं भी रहे उसका फ़ोन उसके साथ होना चाहिए। यहाँ तक की रसोई में खाना पकाते हुए भी। जब हमने कभी फ़ोन का प्रयोग कम करने को कहते है तो उखर जाती है और गुस्सा करने लगती है। ये कहना था उसके पति उमेश का। रीता और उमेश की यह समस्या सिर्फ उनकी ही नही बल्कि आज के हर घर की है। यह समस्या देखने और समझने में बहुत बड़ी नही थी। परन्तु ये छोटी सी समस्या कब हमारे रिश्तों को अंदर ही अंदर खोख्ला करने लगती हैं। आइये आज की शुरुआत हम सोशल मीडिया के प्रभाव के बारे में जानते है। 

आज कल हमारे स्मार्ट फ़ोन और भी ज्यादा स्मार्ट हो गए हैं । ये हमे दुनिया भर में फैले हमारे सगेम्बन्धियों से जोड़े रहने का बहुत ही अच्छा माध्यम हैं। फेसबुक, वीचैट, व्हट्सऐप और बबम अब लगभग हर घर में बस्ते हैं। क्या अपने कभी सोचा है कि यह स्मार्ट फ़ोन आपके शादी शुदा जिंदगी के लिए खतरे की घंटी बन सकता है?
जब कभी आप एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के में सोचते हैं तो आप सिर्फ शारीरिक संबंधों के बारे में सोचते हैं। हाँ!! हर व्यक्ति यही सोचता है। हम दूसरे तरीकों से होने वाले धोखाधड़ी को भूल जाते हैं। या मैं तो यह कहूँगी की उन्हें कई बार पता ही नही होता कि यह भी एक धोखा ही है। 

हाँ मैं बात कर रही हूँ सोशल मीडिया का प्रयोग करते हुए हो रहे मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक धोखेबाजी की। मैं इसे नाम दूंगी ऑनलाइन अफेयर का। हमारा मष्तिष्क, भावनातमक लगाव होने पर भी बिलकुल उसी तरह का रसायन प्रतिक्रिया उत्त्पन्न करता हैं जैसा कि शारीरिक सम्बन्ध होने पर होती है। कोई भौतिक संपर्क ना होने पर भी, यह रासायनिक प्रतिक्रिया उत्त्पन्न होती है। ९९% लोग इस ऑनलाइन अफेयर में हैं, परन्तु कोई इसे स्वीकार नही करते। 

चलिए देखते हैं आप कहाँ खड़े हैं। 

  • क्या आप अपना ज्यादातर वक़्त एक खास व्यक्ति से चैटिंग करते हुए व्यतीत करते हैं?
  • क्या आपके मस्तिष्क में किसी एक ही व्यक्ति के बारे में सोचते हैं?
  • आप कुछ घंटों में उत्तर नहीं मिलने पर बेचैनी महसूस होती है, और उत्तर मिलने पर आराम आ जाता है?
  • अपने पति/पत्नी से ज्यादा उस खास व्यक्ति से बातें करना अच्छा लगता है।
  • क्या आपके पति/पत्नी या परिवार या दोस्त के प्रतिरोध पर आपने किसी का नाम बदल कर कुछ और ही रख दिया है? और अक्सर ही बदलते रहते हैं?
  • क्या आप अपने सारे इमेल्स के पासवर्ड बदल दिए हैं? और आपने एक जाली सोशल खाता खोला है और वह आप उसे गुप्त रूप से प्रयोग करते हैं?
  • जब भी कोई आपसे उस व्यक्ति के बारे में या फ़ोन कम प्रयोग करने के बारे बात करता है तो आपको गुस्सा आता है और चिढ़ होती है।
  • आप अपने साथी को अपने इस खास व्यक्ति अक्सर ही तुलना करते हैं और अपने साथी के बारे में अत्यधिक बुरा सोचने लगे हैं?
  • आप वयस्क चुटकुले, चित्र, वित्तीय मुद्दों, व्यक्तिगत शरीर के विवरण और पेशेवर रहस्य भी साँझा करते हुए नही झिझकते?
  • अपने साथी के साथ शारीरक संबंध होते समय उस खास व्यक्ति के साथ होने की इच्छा है?

ज्यादातर हाँ आपके ऑनलाइन अफेयर की प्रगाढ़ता हो दर्शा रहा है। इस के होने कई कारण हो सकते है। जैसे कि आपके साथी के साथ अच्छे सम्बन्ध का न होना, रिश्ते में ऊब का होना, उत्तेजना का न होना, बहुतायत रूप से गलतफहमी का होना। 

आइये जानते है की इनसे कैसे निपटा जा सकता है। 

आज ही मैसेजिंग बंद कर दीजिये। अगर आपको लगता है कि आप धीरे धीरे रोक देंगे तो ऐसा नही होगा। 
जब भी आपको इच्छा होती है मैसेजिंग करने की तो बार बार स्वयं को याद दिलाएं कि आपके लिए आपके असली रिश्ते कितने महत्वपूर्ण हैं। 

जब भी आप पाएं कि आप अपने साथी की तुलना् उस खास व्यक्ति से कर रहे हैं, तब आप खुद को रोकिये और अपने साथी के साथ बिताये खास पलों को याद कीजिए जिनका अपने भरपूर आनद उठाया था। 

जब भी आपका मन उस खास व्यक्ति की ओर जाता है तब स्वंय को एक वफादार साथी के रूप में देखिये। 

मैं उम्मीद करती हूँ कि यह लेख आपके ऑनलाइन अतिरिक्त वैवाहिक संबंध के लिए अपने जुनून को काम करने में आपकी मदद करेगा. 


Monica Sharma
Counsellor / Psychologist
+91 8527811160 / 81300 14427

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